अगस्त का राशन अभी तक नहीं! यूपी में लाखों परिवार परेशान, ये है पूरा अपडेट

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अगस्त का राशन अभी तक नहीं! यूपी में लाखों परिवार परेशान, ये है पूरा अपडेट

लखनऊ, 3 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत संचालित मुफ्त राशन वितरण योजना लाखों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है। यह योजना अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को हर महीने सस्ते दामों पर गेहूं, चावल, चीनी और अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराती है। हालांकि, अगस्त 2025 बीत जाने के बावजूद, कई जिलों में लाभार्थियों को राशन नहीं मिल पाया है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों में निराशा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस लेख में हम अगस्त माह के राशन वितरण में देरी के कारणों, सरकार के ताजा अपडेट्स, और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

राशन वितरण में देरी के कारण

उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई पहल की हैं, जैसे कि ई-पीओएस (Electronic Point of Sale) मशीनों के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन और “एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड” (ONORC) योजना। इसके बावजूद, अगस्त 2025 के राशन वितरण में देरी के कई कारण सामने आए हैं:

तकनीकी खामियां: राशन दुकानों पर ई-पीओएस मशीनों में तकनीकी समस्याएं एक बड़ा कारण रही हैं। बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए सर्वर कनेक्टिविटी की कमी और मशीनों की खराबी ने वितरण प्रक्रिया को बाधित किया है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है, यह समस्या अधिक गंभीर रही है।

आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें: मानसून के कारण अगस्त माह में खाद्यान्न के परिवहन और भंडारण में कठिनाइयां आई हैं। गोदामों से राशन दुकानों तक अनाज की आपूर्ति में देरी हुई, जिसका सीधा असर वितरण की समय-सारिणी पर पड़ा। कुछ जिलों में गोदामों में स्टॉक की कमी भी देखी गई।

ई-केवाईसी की अनिवार्यता: सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य किया है। जिन लाभार्थियों ने 31 अगस्त 2025 तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की, उनके राशन कार्ड को अस्थायी रूप से निलंबित करने की चेतावनी दी गई थी। इस प्रक्रिया में देरी ने कई लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने से वंचित कर दिया।

फर्जी राशन कार्डों पर कार्रवाई: हाल ही में, सरकार ने फर्जी राशन कार्डों को रद्द करने की मुहिम तेज की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि लगभग 30 लाख फर्जी राशन कार्ड रद्द किए गए हैं, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ी है। हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ पात्र लाभार्थियों के नाम भी गलती से हट गए, जिसके कारण उन्हें राशन नहीं मिल पाया।

प्रशासनिक और स्थानीय समस्याएं: कुछ जिलों में जिला पूर्ति विभाग और राशन दुकान संचालकों के बीच समन्वय की कमी रही है। राशन दुकानों पर समय पर स्टॉक न पहुंचने और दुकानदारों द्वारा अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसके अलावा, मानसून के कारण बाढ़ और खराब सड़कों ने ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण को और जटिल बना दिया।

सरकार के ताजा अपडेट्स

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग ने अगस्त माह के राशन वितरण में देरी को लेकर कई बयान जारी किए हैं। विभाग के अनुसार, अगस्त 2025 का राशन वितरण 20 जुलाई से 10 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन उपरोक्त कारणों से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। विभाग ने अब नई समय-सारिणी और सुधारात्मक कदमों की घोषणा की है:

नई वितरण तारीखें: अगस्त माह का राशन अब 5 सितंबर से 15 सितंबर 2025 तक वितरित किया जाएगा। सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राशन दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करें और वितरण प्रक्रिया को तेज करें।

बायोमेट्रिक सत्यापन में लचीलापन: तकनीकी समस्याओं को देखते हुए, जिन लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन संभव नहीं हो पा रहा है, उनके लिए मोबाइल ओटीपी आधारित सत्यापन की सुविधा शुरू की गई है।

अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन: 48 जिलों में अंत्योदय कार्ड धारकों को 14 किलो गेहूं, 19 किलो चावल, और 2 किलो बाजरा (कुल 35 किलो) वितरित किया जाएगा। अन्य जिलों में 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल दिए जाएंगे। पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किलो अनाज (3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल) प्रदान किया जाएगा।

शिकायत निवारण तंत्र: लाभार्थी अपनी शिकायतें टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 या 1967 पर दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी उपलब्ध है।

लाभार्थियों की परेशानियां

राशन वितरण में देरी ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कई लाभार्थियों ने बताया कि राशन दुकानों पर स्टॉक की कमी के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। कुछ मामलों में, दुकानदारों ने बायोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता का हवाला देकर राशन देने से मना कर दिया।

बस्ती जिले के रामलाल ने कहा, “हम हर महीने राशन लेने जाते हैं, लेकिन इस बार दुकानदार ने बताया कि अनाज नहीं आया। अब हमें बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना पड़ रहा है, जो हमारी जेब पर भारी पड़ रहा है।” इसी तरह, कानपुर की राधा देवी ने शिकायत की, “मेरी ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पाई, क्योंकि जनसेवा केंद्र में हमेशा भीड़ रहती है। अब राशन नहीं मिलने से घर में खाने का संकट हो गया है।”

विशेष रूप से बुजुर्ग और तकनीकी रूप से कम जागरूक लोग ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को समझने में असमर्थ हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी और जनसेवा केंद्रों पर लंबी कतारों ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।

सरकार के सुधारात्मक उपाय

उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं:

ई-पीओएस और डिजिटल सत्यापन: राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पीओएस मशीनों का उपयोग अनिवार्य किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही राशन मिले।

ONORC योजना का विस्तार: “एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड” योजना के तहत प्रवासी श्रमिक अब किसी भी राज्य में अपने राशन कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं।

ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप: खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट (fcs.up.gov.in) और “मेरा राशन” ऐप के जरिए लाभार्थी अपनी राशन कार्ड की स्थिति, पात्रता सूची, और पिछले छह महीनों के लेनदेन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

फर्जी राशन कार्डों पर नकेल: सरकार ने फर्जी राशन कार्डों को हटाने के लिए बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया है। इससे लगभग 2000 करोड़ की बचत होने का अनुमान है, जिसका उपयोग अन्य कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।

लाभार्थियों के लिए सुझाव

राशन वितरण में देरी से बचने और सुचारू रूप से राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थी निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

ई-केवाईसी पूरी करें: सभी राशन कार्ड धारकों को जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी कर लेनी चाहिए। यह प्रक्रिया नजदीकी जनसेवा केंद्र, राशन दुकान, या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है।

राशन कार्ड सूची की जांच: लाभार्थी (fcs.up.gov.in पर अपने जिले, ब्लॉक, और ग्राम पंचायत की राशन कार्ड सूची में अपना नाम जांच सकते हैं। यदि नाम सूची में नहीं है, तो तुरंत जिला पूर्ति कार्यालय से संपर्क करें।

शिकायत दर्ज करें: यदि राशन नहीं मिल रहा है या दुकानदार अनियमितता बरत रहा है, तो टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 या 1967 पर शिकायत दर्ज करें। ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी उपलब्ध है।

राशन दुकान की समय-सारिणी: नई समय-सारिणी के अनुसार, राशन दुकानें सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहेंगी। लाभार्थी इस समय के दौरान अपनी सुविधानुसार राशन ले सकते हैं।

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