योगी सरकार का ऐलान: शिक्षामित्र मानदेय वृद्धि से 1.68 लाख कर्मियों को मिलेगी बड़ी राहत, दिवाली से पहले खुशखबरी

शिक्षामित्र मानदेय समाचार

उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली योगी सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भारी वृद्धि का प्रस्ताव मंजूरी के लिए तैयार कर लिया है।

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली योगी सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भारी वृद्धि का प्रस्ताव मंजूरी के लिए तैयार कर लिया है। वर्तमान में मात्र 10,000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे मानदेय को बढ़ाकर 25,000 रुपये तक पहुंचाने की योजना है, जिससे प्रदेश के करीब 1.68 लाख शिक्षाकर्मियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी बढ़ावा देगा।

शिक्षामित्रों की लंबी मांग अब पूरी होने को है: योगी सरकार की पहल

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों की मुख्य मांग रही है मानदेय वृद्धि की। योगी सरकार ने इस मांग को गंभीरता से लिया है और उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें शिक्षामित्रों का वेतन 10,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये और अनुदेशकों का 9,000 से 22,000 रुपये करने का सुझाव दिया गया है। शिक्षा मंत्री गुड्डू वर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री जी हमेशा शिक्षकों के हित में सक्रिय रहते हैं। यह वृद्धि ग्रामीण शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।”
यह पहल उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग की नई नीति का हिस्सा है, जो टीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवारों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। स्रोतों के अनुसार, दिवाली से ठीक पहले यह फैसला लागू हो सकता है, जिससे शिक्षाकर्मी उत्सव को खुशी से मना सकेंगे।

वर्तमान मानदेय की कठिनाइयां: क्यों जरूरी है शिक्षामित्र वेतन वृद्धि?

वर्तमान में शिक्षामित्र मानदेय मात्र 10,000 रुपये प्रतिमाह है, जो महंगाई के दौर में अपर्याप्त साबित हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ये शिक्षाकर्मी महंगे ईंधन, बढ़ती सब्जी दरों और बच्चों की पढ़ाई के खर्च से जूझ रहे हैं। एक शिक्षामित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम स्कूलों में 6-8 घंटे पढ़ाते हैं, लेकिन वेतन इतना कम है कि परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। योगी सरकार शिक्षा सुधार से हमें नई उम्मीद मिली है।”
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 1.68 लाख से अधिक शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं, जो प्राथमिक शिक्षा का आधार हैं। महामारी के बाद बढ़े खर्चों ने उनकी स्थिति और खराब कर दी है। इसलिए, उत्तर प्रदेश शिक्षक वेतन वृद्धि न केवल आर्थिक राहत देगी, बल्कि सेवा की गुणवत्ता भी सुधारेगी।

प्रस्तावित मानदेय: कितना बढ़ेगा वेतन, कौन-कौन लाभान्वित?

शिक्षामित्र मानदेय वृद्धि के तहत नया प्रस्ताव आकर्षक है। शिक्षामित्रों को 25,000 रुपये प्रतिमाह और अनुदेशकों को 22,000 रुपये मिलेंगे। कुछ रिपोर्ट्स में 17,000 से 35,000 रुपये तक की रेंज का जिक्र है, जो अनुभव और योग्यता पर आधारित होगी। यह वृद्धि 150% से अधिक है, जो राष्ट्रीय स्तर पर अनोखी मानी जा रही है।

श्रेणीवर्तमान मानदेयप्रस्तावित मानदेयवृद्धि प्रतिशत
शिक्षामित्र10,00025,000150%
अनुदेशक9,00022,000144%

यह तालिका स्पष्ट करती है कि CM योगी आदित्यनाथ की सरकार शिक्षा क्षेत्र में कितनी संवेदनशील है। लाभार्थी वे सभी होंगे जो परिषदीय स्कूलों में संविदा पर कार्यरत हैं।

सरकार की कमेटी ने कैसे तैयार की रिपोर्ट: प्रक्रिया का खुलासा

योगी सरकार ने जून 2025 में ही एक विशेष समिति का गठन किया था, जिसकी अगुवाई शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। समिति ने शिक्षामित्रों से फीडबैक लिया, महंगाई दर का विश्लेषण किया और पड़ोसी राज्यों की तुलना की। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि वेतन वृद्धि से शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा और ड्रॉपआउट रेट कम होगा।

अब यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है, जिसकी सुनवाई 27 अक्टूबर 2025 को होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा नीति 2025 के तहत यह बदलाव जल्द लागू हो जाएगा।

शिक्षामित्र संगठनों की प्रतिक्रिया: आभार और आगे की मांगें

शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार यादव ने कहा, “हम सीएम योगी का आभार व्यक्त करते हैं। यह शिक्षामित्र वेतन वृद्धि हमारी लंबी लड़ाई का फल है।” संगठन ने अब मूल विद्यालय में बहाली और पेंशन जैसी सुविधाओं की भी मांग उठाई है। विभिन्न जिलों से शिक्षामित्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की, जहां #ShikshaMitraSalaryHike ट्रेंड कर रहा है।

यह कदम न केवल व्यक्तिगत स्तर पर राहत देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण शिक्षा को मजबूत बनाएगा। संगठनों का कहना है कि वृद्धि के बाद सेवा में और समर्पण बढ़ेगा।

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