बड़ी खबर: यूपी मे इस दिन से मिलने लगेगा फ्री राशन ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य

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बड़ी खबर: यूपी मे इस दिन से मिलने लगेगा फ्री राशन ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य

6सितंबर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए मुफ्त राशन वितरण की तारीखों की घोषणा कर दी है। सितंबर 2025 में राशन कार्ड धारकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाएगा। यह वितरण 10 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलेगा। इस अवधि में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को गेहूं, चावल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की जाएगी। यह कदम राज्य के लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो इस योजना के माध्यम से अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करते हैं।

राशन वितरण की तारीखें और समय

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग ने सितंबर 2025 के लिए राशन वितरण की तारीखों को अंतिम रूप दे दिया है। जानकारी के अनुसार, यह वितरण 10 सितंबर से शुरू होगा और 25 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान उचित दर की दुकानें सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रहेंगी, लेकिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक दुकानें बंद रहेंगी। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि राशन वितरण प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके और लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

राशन की मात्रा और प्रकार

राशन वितरण के तहत अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति कार्ड 35 किलोग्राम राशन प्रदान किया जाएगा, जिसमें 14 किलोग्राम गेहूं और 21 किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, अंत्योदय कार्ड धारकों को जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने की चीनी भी दी जाएगी। दूसरी ओर, पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किलोग्राम राशन मिलेगा, जिसमें 2 किलोग्राम गेहूं और 3 किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल शामिल होंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि सभी पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार खाद्य सामग्री प्राप्त हो।

ई-केवाईसी की अनिवार्यता

राशन वितरण में पारदर्शिता और अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन राशन कार्ड धारकों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें राशन प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे नजदीकी उचित दर की दुकान पर ई-पास मशीन के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। यह प्रक्रिया आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पर आधारित है।

हालांकि, कुछ विशेष श्रेणियों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है। इनमें 5 साल से कम उम्र के बच्चे, बुजुर्ग, दिव्यांग, और गंभीर रूप से बीमार लोग शामिल हैं। ऐसे लाभार्थी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से संपर्क कर वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया है कि सभी पात्र कार्ड धारक अपनी ई-केवाईसी समय पर पूरी कर लें।

मुफ्त राशन योजना का महत्व

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुफ्त राशन योजना, विशेष रूप से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत, राज्य के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा के समान है। इस योजना का छठा चरण सितंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत कार्ड धारकों को अतिरिक्त 5 किलोग्राम राशन प्रदान किया जा रहा है। यह योजना न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को भी कम करती है।

यूपी में लगभग 3.58 करोड़ राशन कार्ड धारक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए राशन की दुकानों पर निर्भर हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राशन वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू हो, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे।

राशन कार्ड के लिए नया आवेदन

जिन परिवारों के पास अभी तक राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल बना दिया है। नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के इच्छुक लोग अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र या आपूर्ति विभाग कार्यालय में जा सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्ड का मुखिया परिवार की महिला सदस्य हो। यदि परिवार में कोई महिला सदस्य नहीं है, तो पुरुष सदस्य को मुखिया बनाया जा सकता है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरी की जा सकती है, जिससे यह सभी के लिए सुलभ हो।

मानसून के लिए विशेष व्यवस्था

इस वर्ष मानसून के दौरान राशन आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए सरकार ने पहले ही जून, जुलाई और अगस्त के लिए एडवांस राशन वितरण की व्यवस्था की थी। यह कदम उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और मानसून के दौरान राशन की दुकानों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करते हैं। हालांकि, सितंबर के लिए राशन वितरण सामान्य समय पर किया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को नियमित आपूर्ति मिल सके।

प्रशासन की तैयारी

उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राशन वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सभी उचित दर की दुकानों को समय पर राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, और दुकान संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय पर दुकानें खोलें और लाभार्थियों को राशन प्रदान करें। इसके अलावा, जिला आपूर्ति विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राशन वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

लाभार्थियों के लिए सुझाव

राशन कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अपनी ई-केवाईसी पूरी कर लें, ताकि राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, लाभार्थियों को चाहिए कि वे निर्धारित तारीखों के भीतर अपनी नजदीकी उचित दर की दुकान से राशन प्राप्त कर लें। यदि किसी कारणवश निर्धारित तारीखों में राशन नहीं लिया जाता, तो अगली तारीख में राशन प्रदान नहीं किया जाएगा।

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