यूपी पुलिस में सिपाही से पहले होगी दारोगा की भर्ती, तैयारियां पूरी
लखनऊ, 26 जून 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने एक बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत सिपाही भर्ती से पहले उपनिरीक्षक (दारोगा) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस भर्ती के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। यह खबर उन लाखों युवाओं के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं देने का सपना देख रहे हैं।
4,543 दारोगा पदों पर होगी भर्ती
पुलिस महानिदेशक (DGP) मुख्यालय द्वारा भर्ती बोर्ड को 4,543 उपनिरीक्षक पदों के लिए अधियाचन भेजा गया है। इनमें नागरिक पुलिस, पीएसी महिला बटालियन, ट्रैफिक पुलिस और विशेष सुरक्षा बल के पद शामिल हैं। इस भर्ती में विशेष रूप से आयु सीमा में तीन साल की छूट दी गई है, जो सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए लागू होगी। यह छूट इस बार की भर्ती के लिए एकमुश्त राहत के रूप में दी जा रही है, जिससे अधिक से अधिक उम्मीदवार आवेदन कर सकें।
सिपाही भर्ती को अभी इंतजार
हालांकि, सिपाही के 19,220 पदों के लिए भी अधियाचन भेजा गया है, लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से इसकी प्रक्रिया में कुछ देरी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सिपाही भर्ती की शर्तें, आरक्षण व्यवस्था और चयन मापदंडों पर अंतिम सहमति बनने के बाद ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। तब तक पुलिस विभाग ने दारोगा भर्ती को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
आवेदन प्रक्रिया और योग्यता
भर्ती बोर्ड के अनुसार, दारोगा भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, और उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल टेस्ट जैसे चरण शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखें ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
पिछले वर्ष फरवरी 2024 में सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड ने इस बार कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे उपाय किए जाएंगे। इसके अलावा, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) और जिला पुलिस को तैनात किया जाएगा।