यूपी में ड्रोन चोरों का आतंक: सच या अफवाह? पुलिस ने खोली हकीकत!”

"उत्तर प्रदेश के गांव में रात के समय आसमान में ड्रोन की चमकती लाइट्स, ड्रोन चोर अफवाहों का केंद्र"

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रात के सन्नाटे को चीरती चमकती लाइट्स और ड्रोन की अफवाहें लोगों की नींद उड़ा रही हैं। अमरोहा से जौनपुर तक, मुरादाबाद से कानपुर तक – ड्रोन चोर गिरोह की ये कहानियां सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही हैं।

यूपी में ड्रोन चोरों का आतंक: सच या अफवाह? पुलिस ने खोली हकीकत!”

लखनऊ, 29 सितंबर 2025 – उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रात के सन्नाटे को चीरती चमकती लाइट्स और ड्रोन की अफवाहें लोगों की नींद उड़ा रही हैं। अमरोहा से जौनपुर तक, मुरादाबाद से कानपुर तक – ड्रोन चोर गिरोह की ये कहानियां सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही हैं। लेकिन क्या ये ड्रोन अफवाहें सिर्फ भ्रम हैं या कुछ और? इस आर्टिकल में हम खोलेंगे यूपी ड्रोन रूमर्स के पीछे की सच्चाई, कारण और पुलिस की प्रतिक्रिया। अगर आप भी यूपी के किसी गांव में रहते हैं, तो ये पढ़ना जरूरी है।

ड्रोन अफवाहें यूपी में क्यों बढ़ रही हैं? सोशल मीडिया का जादू या साजिश?

पिछले दो महीनों से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में ड्रोन की अफवाहें तेजी से बढ़ी हैं। अमरोहा, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, हापुड़, संभल, मेरठ जैसे जिलों से शुरू होकर ये अब जौनपुर, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी तक पहुंच चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात में आसमान में नीली या सफेद लाइट वाली उड़न वस्तुएं उनके घरों पर मंडरा रही हैं, जो चोरी की रेकी का काम कर रही हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल वीडियो और मैसेज ने इस डर को हवा दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये अफवाहें 21 जुलाई 2025 से शुरू हुईं, जब रामपुर और हापुड़ में पहली बार ऐसी शिकायतें दर्ज हुईं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये ड्रोन रूमर्स का प्रसार असामाजिक तत्वों की साजिश हो सकती है, जो कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। ज्यादातर मामलों में ये लाइट्स खिलौना ड्रोन, एलईडी वाली पतंगें या सरकारी सर्वे के वैध ड्रोन निकले हैं।

यूपी के इन जिलों में ड्रोन चोर अफवाहों ने मचाया तांडव

ड्रोन अफवाहों का असर यूपी के 15 से ज्यादा जिलों में दिख रहा है। पश्चिमी यूपी में अमरोहा के दो सगे भाइयों को ग्रामीणों ने ड्रोन चोर समझकर पीट दिया। बरेली में एक भिखारी की हत्या हो गई, क्योंकि उसे ड्रोन ऑपरेटर समझ लिया गया। मुरादाबाद के पाकबड़ा गांव में रात भर लोग लाठी-डंडों से गश्त कर रहे हैं।
पूर्वी यूपी में जौनपुर के कई गांवों में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की खबरें आईं, जहां ग्रामीणों ने तिरपाल की झोपड़ियों में छिपकर पहरा दिया। कानपुर और प्रयागराज में भी ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जहां परिवार छत पर लाइटें जलाकर ड्रोन को भगाने की कोशिश कर रहे हैं। BBC की एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, संभल से रामपुर तक 1500 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं, जहां लोग रात भर जाग रहे हैं। ये ड्रोन चोर यूपी न्यूज का हॉट टॉपिक बन चुका है।

ड्रोन रूमर्स से जुड़ी हिंसक घटनाएं: मासूमों पर हमले का सिलसिला

अफवाहों ने न सिर्फ डर फैलाया, बल्कि हिंसा को भी जन्म दिया है। गाजियाबाद के मोदीनगर में एक व्यक्ति को अपने रिश्तेदार से मिलने जाते समय भीड़ ने ड्रोन चोर समझकर पीटा। हापुड़ में एलईडी लाइट वाली पतंगों को ड्रोन बताकर ग्रामीणों ने हवाई फायरिंग की। महराजगंज में असामाजिक तत्वों ने खिलौना ड्रोन उड़ाकर दहशत फैलाई, जिसके बाद 16 लोग जेल पहुंचे।
एक रिपोर्ट में बताया गया कि ये ड्रोन अफवाहें मुंहनोचवा और चोटी कटवा जैसी पुरानी अफवाहों की याद दिला रही हैं, जहां शक के आधार पर निर्दोष मारे गए। पश्चिमी यूपी में तो टॉर्च और लाइसेंसी हथियारों की बिक्री 30% बढ़ गई है। ये घटनाएं यूपी ड्रोन चोर की हकीकत को और जटिल बना रही हैं।

यूपी ड्रोन चोर की हकीकत: ज्यादातर भ्रम, कुछ वैध उड़ानें

क्या वाकई ड्रोन से चोरी हो रही है? पुलिस और विशेषज्ञों की जांच से साफ है कि 90% मामले अफवाह ही हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, रात में उड़ते ड्रोन ज्यादातर सरकारी एरियल सर्वे या कृषि निगरानी के लिए होते हैं। DIG कलानिधि नैथानी ने कहा, “ड्रोन की अधिकतर उड़ानें सरकारी सर्वे से जुड़ी हैं। रात में उड़ान पर रोक लगा दी गई है।”
कुछ मामलों में AI-जनरेटेड वीडियो या टिमटिमाती रोशनी (जैसे कबूतर उड़ाना) को ड्रोन बताया गया। हालांकि, यूपी पुलिस ने माना है कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वाले कुछ शरारती तत्व पकड़े गए हैं। मनीकंट्रोल हिंदी की रिपोर्ट में कहा गया कि अब तक किसी संगठित चोर गिरोह का पुख्ता सबूत नहीं मिला। हकीकत ये है कि ड्रोन टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन चोरी की कोई बड़ी वेव नहीं।

पुलिस ने क्या कहा ड्रोन अफवाहों पर? सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ड्रोन रूमर्स पर कड़ा रुख अपनाया है। CM योगी आदित्यनाथ ने 3 अगस्त 2025 को निर्देश दिए कि बिना अनुमति ड्रोन चलाने वालों पर गैंगस्टर एक्ट और NSA लगाया जाए। DGP राजीव कृष्ण ने सभी जिलों में 24 घंटे पेट्रोलिंग और ड्रोन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया।
जौनपुर SP डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने कहा, “ड्रोन कैमरे को लेकर भ्रम न फैलाएं। सूचना मिलने पर 112 पर कॉल करें।” महराजगंज में जागरूकता अभियान चलाकर अफवाह फैलाने वालों पर 2 FIR दर्ज हुईं। UP पुलिस के ट्वीट में अपील की गई: “सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें, कानून हाथ में न लें।” गाजीपुर पुलिस ने AI टूल्स से वीडियो जांच कर साबित किया कि ज्यादातर लाइट्स ड्रोन नहीं हैं। पुलिस का फोकस: जांच, गश्त और जनता को आश्वस्त करना।

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