वाराणसी का गंजारी क्रिकेट स्टेडियम: काशी की नई पहचान, 2026 तक होगा तैयार
वाराणसी, 5 सितंबर 2025: विश्व पटल पर आध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा के लिए मशहूर काशी अब खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र में गंजारी गांव में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह स्टेडियम न केवल खेल प्रेमियों के लिए एक नया केंद्र बनेगा, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व के सामने प्रस्तुत करेगा। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, इस स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे अप्रैल 2026 तक पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
एक ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत
गंजारी में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट है। साल 2023 में प्रधानमंत्री ने इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी, जिसमें क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और कपिल देव भी शामिल हुए थे। यह आयोजन न केवल वाराणसी के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। इस स्टेडियम का निर्माण कार्य 450 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जा रहा है।
30.66 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह स्टेडियम न केवल अपनी भव्यता के लिए जाना जाएगा, बल्कि इसके डिजाइन में काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी शामिल किया गया है। स्टेडियम की छत को चंद्राकर (अर्धचंद्र के आकार में) डिजाइन किया गया है, जो भगवान शिव की स्मृति को दर्शाता है। इसके अलावा, दर्शक दीर्घा को गंगा घाटों की तरह सीढ़ीदार बनाया गया है, और स्टेडियम के फ्लडलाइट्स के खंभे त्रिशूल के आकार में होंगे। यह डिजाइन काशी की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर ले जाएगा।
निर्माण कार्य की प्रगति
हाल के अपडेट्स के अनुसार, गंजारी क्रिकेट स्टेडियम का लगभग 70-75% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पहले चरण का कार्य लगभग समाप्त हो चुका है, और शेष कार्य को निर्धारित समयसीमा, यानी अप्रैल 2026, से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस परियोजना पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्टेडियम का निर्माण कार्य अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरा हो जाए, ताकि यह 2026 टी-20 विश्व कप की मेजबानी के लिए तैयार हो सके।
वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने हाल ही में निर्माण स्थल का दौरा किया और प्रगति की समीक्षा की। मंडलायुक्त ने बताया कि स्टेडियम का स्वागत द्वार तैयार हो चुका है, और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों और इंजीनियरों की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।
स्टेडियम की विशेषताएं
गंजारी का यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण चर्चा में है। स्टेडियम में निम्नलिखित विशेषताएं शामिल होंगी:
क्षमता: स्टेडियम में लगभग 30,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी, जो इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के लिए उपयुक्त बनाएगा।
पिच की खासियत: स्टेडियम की पिच के लिए अलग-अलग स्थानों की मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि यह विभिन्न प्रकार के खेल के लिए उपयुक्त हो। यह पिच ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्टेडियम से भी बेहतर होने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक डिजाइन: स्टेडियम का डिजाइन भगवान शिव से प्रेरित है। छत, दर्शक दीर्घा और फ्लडलाइट्स की संरचना में काशी की सांस्कृतिक झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
आधुनिक सुविधाएं: स्टेडियम में विश्वस्तरीय सुविधाएं जैसे खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर, प्रशिक्षण क्षेत्र और दर्शकों के लिए आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बुनियादी ढांचे का विकास
स्टेडियम के साथ-साथ इसके आसपास के बुनियादी ढांचे को भी विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेडियम के चारों ओर चार-लेन सड़क के निर्माण का निर्देश दिया है, ताकि दर्शकों और खिलाड़ियों को आने-जाने में सुविधा हो। इसके अलावा, गंजारी में एक नया बिजली उपकेंद्र भी बनाया जा रहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह उपकेंद्र स्टेडियम की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा और आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा।
लोक निर्माण विभाग ने स्टेडियम तक पहुंचने वाली 9 किलोमीटर लंबी चार सड़कों को चौड़ा करने की योजना बनाई है। इससे न केवल स्टेडियम तक पहुंच आसान होगी, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी होगा।
टी-20 विश्व कप 2026 की मेजबानी की संभावना
गंजारी क्रिकेट स्टेडियम को 2026 में होने वाले टी-20 विश्व कप की मेजबानी के लिए तैयार किया जा रहा है। यह स्टेडियम न केवल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट आयोजनों के लिए एक मंच प्रदान करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काशी को एक नई पहचान देगा। स्टेडियम के निर्माण के साथ ही वाराणसी में क्रिकेट के प्रति उत्साह बढ़ रहा है, और स्थानीय युवाओं में खेल के प्रति रुचि को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस स्टेडियम के निर्माण से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी। स्टेडियम के बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। क्रिकेट प्रेमी और पर्यटक काशी की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने के साथ-साथ विश्वस्तरीय क्रिकेट का आनंद भी ले सकेंगे। इसके अलावा, स्टेडियम के आसपास के क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।