26 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां पहले चरण में स्कॉलरशिप वितरित की जाएगी। पूरे राज्य में 75 जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर निगरानी रखें। शिक्षा विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां छात्र अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे
नवरात्रि में धमाका! यूपी के लाखों छात्रों को मिलेगा समय से पहले वजीफा, योगी सरकार की बड़ी सौगात
लखनऊ, 25 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्कॉलरशिप की राशि को छह माह पहले वितरित करने का ऐलान किया है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर 26 सितंबर से राज्य भर के चार लाख से अधिक छात्रों के बैंक खातों में वजीफा की राशि हस्तांतरित की जाएगी। यह कदम न केवल छात्रों की आर्थिक परेशानियों को कम करेगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार भी करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने इस निर्णय से शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए गरीब और मेधावी छात्रों को सशक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।
सरकारी घोषणा: नवरात्रि से पहले स्कॉलरशिप का वितरण
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में जारी आदेश के माध्यम से पोस्ट-मैट्रिक और प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजनाओं के तहत छात्रों को सहायता राशि समय से पहले उपलब्ध कराने का फैसला किया है। पारंपरिक रूप से यह राशि फरवरी-मार्च में वितरित की जाती थी, लेकिन अब सितंबर के नवरात्रि काल में ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। नवरात्रि का पावन समय मां दुर्गा की कृपा का प्रतीक है, और इसी कृपा से हम छात्रों के जीवन को उज्ज्वल बनाने जा रहे हैं।” इस घोषणा के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्यान्वयन के निर्देश जारी किए। 20 सितंबर को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, संस्थानों को 10 अक्टूबर तक डेटा सबमिट करने की अंतिम समयसीमा दी गई है।
इस वर्ष लगभग 3.95 लाख छात्र लाभान्वित होंगे, जिनमें कक्षा 10वीं से ऊपर के छात्र शामिल हैं। वितरण प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से होगी, जो पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगी। सरकार ने विशेष रूप से उन छात्रों पर फोकस किया है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते हैं, जैसे एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय।
छात्रों के लिए क्या हैं लाभ: आर्थिक बोझ से मुक्ति
यह निर्णय छात्रों के लिए वरदान साबित होगा। सितंबर में स्कॉलरशिप मिलने से छात्रों को किताबें, फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए तत्काल मदद मिलेगी। पहले छात्रों को लोन लेना पड़ता था या परिवार पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था, लेकिन अब नवरात्रि की खुशियों के साथ आर्थिक सहायता भी उनके द्वार पर दस्तक देगी। एक सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 70 प्रतिशत से अधिक छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई में बाधा का सामना करते हैं। इस कदम से ड्रॉपआउट रेट में कमी आने की उम्मीद है।
उदाहरण के तौर पर, लखनऊ के एक कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा प्रिया सिंह ने कहा, “पिछले साल फीस भरने के लिए मुझे बहुत परेशानी हुई। इस बार नवरात्रि पर वजीफा मिलना मेरे लिए त्योहार की असली खुशी लाएगा। मैं अपनी बहन की शादी की तैयारियों में भी योगदान दे सकूंगी।” इसी तरह, वाराणसी के एक छात्र ने बताया कि यह राशि उन्हें ऑनलाइन कोर्स और अतिरिक्त किताबें खरीदने में मदद करेगी।
सरकार ने स्कॉलरशिप राशि को भी योजनाबद्ध तरीके से वितरित किया है। पोस्ट-मैट्रिक छात्रों को 5,500 रुपये से 53,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी, जबकि प्री-मैट्रिक के लिए 1,000 रुपये प्रति छात्र निर्धारित है। विशेष रूप से संस्कृत शिक्षा वाले छात्रों के लिए अलग से 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जहां अब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा, यह निर्णय शिक्षा के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देगा। छात्र अब आधार या पैन कार्ड के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकेंगे। जुलाई से शुरू हुई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 30 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे अधिक से अधिक छात्र लाभ उठा सकें।