पीएम किसान सम्मान निधि योजना: पैसा नहीं आया? कृषि कार्यालय में करें ये जरूरी काम

पीएम किसान सम्मान निधि योजना: पैसा नहीं आया? कृषि कार्यालय में करें ये जरूरी काम

नई दिल्ली, 3 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो देश भर के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों (2,000 रुपये प्रत्येक) में दी जाती है, जो हर चार महीने में उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से स्थानांतरित की जाती है। यह योजना 1 दिसंबर 2018 से लागू है और अब तक लाखों किसानों को इसका लाभ मिल चुका है। हालांकि, कई किसानों को हाल के महीनों में अपनी किस्त प्राप्त करने में देरी की शिकायत है। यदि आपके खाते में भी पीएम किसान की 20वीं या 21वीं किस्त का पैसा नहीं आया है, तो चिंता न करें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आप अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में जाकर किन कदमों को उठाकर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।

पीएम किसान योजना का महत्व

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकें। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए बनाई गई है जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की जोत है। यह राशि किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक, और अन्य कृषि जरूरतों के लिए उपयोग में लाने में मदद करती है। इसके अलावा, यह राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी सहायक होती है, जिससे किसानों को कर्ज के जाल में फंसने से बचाया जा सकता है। योजना के तहत अब तक 19 किस्तें वितरित की जा चुकी हैं, और 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को 9.7 करोड़ किसानों के खातों में 20,500 करोड़ रुपये के साथ स्थानांतरित की गई थी। 21वीं किस्त अक्टूबर 2025 में आने की उम्मीद है।

पैसे में देरी के प्रमुख कारण

कई किसानों को उनकी किस्त समय पर नहीं मिल रही है, और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

आधार लिंकेज की कमी: योजना के तहत पैसा केवल आधार से जुड़े बैंक खातों में ही स्थानांतरित किया जाता है। यदि आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो भुगतान रुक सकता है।

ई-केवाईसी अपूर्ण होना: ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer) इस योजना का एक अनिवार्य हिस्सा है। यदि आपने इसे पूरा नहीं किया है, तो आपकी किस्त अटक सकती है।

गलत बैंक विवरण: गलत खाता संख्या, IFSC कोड, या निष्क्रिय बैंक खाते के कारण भी भुगतान में देरी हो सकती है।

जमीन के रिकॉर्ड में त्रुटि: यदि आपके जमीन के स्वामित्व के रिकॉर्ड में कोई विसंगति है, तो आपका नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है।

आयकर दाता या अन्य अपात्रता: आयकर दाता, पेंशनभोगी, या संस्थागत जमीन मालिक इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। यदि आप गलती से अपात्र श्रेणी में आते हैं, तो भुगतान रुक सकता है।

तकनीकी समस्याएं: कई बार सर्वर की समस्या या कनेक्टिविटी के मुद्दों के कारण भी भुगतान में देरी हो सकती है।

क्या करें अगर पैसा नहीं आया?

यदि आपके खाते में पीएम किसान की किस्त नहीं पहुंची है, तो आपको तुरंत अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या सामान्य सेवा केंद्र (CSC) में जाना चाहिए। वहां आप निम्नलिखित कदम उठाकर अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं:

ई-केवाईसी पूरा करें

ई-केवाईसी इस योजना का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि लाभ केवल सही व्यक्ति तक पहुंचे। आप इसे दो तरीकों से पूरा कर सकते हैं:

ऑनलाइन प्रक्रिया:

आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल (https://pmkisan.gov.in) पर जाएं।

“Farmers Corner” में “eKYC” विकल्प पर क्लिक करें।

अपना आधार नंबर दर्ज करें और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP के साथ सत्यापन पूरा करें।

ऑफलाइन प्रक्रिया: यदि OTP-आधारित प्रक्रिया में समस्या हो रही है, तो अपने नजदीकी CSC पर जाएं और बायोमेट्रिक सत्यापन (उंगलियों के निशान) के माध्यम से ई-केवाईसी पूरी करें।

आधार-बैंक खाता लिंकेज की जांच करें

यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आपके आधार नंबर से जुड़ा हुआ है। इसके लिए:

अपने बैंक शाखा में जाएं और आधार लिंकेज की स्थिति जांचें।

यदि आधार लिंक नहीं है, तो आधार कार्ड और पासबुक के साथ बैंक में लिंकेज फॉर्म जमा करें।

आप पीएम किसान पोर्टल पर भी अपने बैंक खाते की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

लाभार्थी सूची में नाम जांचें

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है:

पीएम किसान पोर्टल पर जाएं और “Farmers Corner” में “Beneficiary List” पर क्लिक करें।

अपने राज्य, जिला, ब्लॉक, और गांव का चयन करें, फिर “Get Report” पर क्लिक करें।

यदि आपका नाम सूची में नहीं है, तो अपने स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

रजिस्ट्रेशन विवरण अपडेट करें

यदि आपके रजिस्ट्रेशन में कोई त्रुटि है, जैसे गलत नाम, आधार नंबर, या बैंक विवरण, तो:

पीएम किसान पोर्टल पर “Farmers Corner” में “Edit Aadhaar Details” विकल्प का उपयोग करें।

अपने नजदीकी CSC पर जाकर गलत विवरण सुधारें।

यदि आपका आवेदन पहले अस्वीकार हो चुका है, तो स्थानीय कृषि कार्यालय में दोबारा आवेदन करें।

  1. जमीन के रिकॉर्ड सत्यापित करें

आपके जमीन के स्वामित्व के दस्तावेजों में कोई विसंगति नहीं होनी चाहिए। इसके लिए:

अपने तहसील कार्यालय या स्थानीय राजस्व विभाग में जाकर अपने जमीन के रिकॉर्ड की जांच करें।

सुनिश्चित करें कि जमीन का विवरण पीएम किसान पोर्टल पर दर्ज विवरण से मेल खाता है।

पीएम किसान हेल्पलाइन से संपर्क करें

यदि उपरोक्त सभी कदमों के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो आप पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अपने स्थानीय कृषि कार्यालय या CSC पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप का उपयोग

पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप किसानों के लिए अपनी स्थिति जांचने और समस्याओं का समाधान करने का एक आसान तरीका प्रदान करते हैं। आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:

रजिस्ट्रेशन स्थिति जांचें: अपने रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर, या मोबाइल नंबर के साथ अपनी स्थिति देखें।

भुगतान स्थिति जांचें: “Know Your Status” विकल्प पर क्लिक करके यह देखें कि आपकी किस्त प्रक्रियाधीन है या नहीं।

नाम सुधार: यदि आपके आधार कार्ड में नाम गलत दर्ज है, तो इसे पोर्टल या CSC के माध्यम से ठीक करें।

सरकार के प्रयास और भविष्य की योजनाएं

भारत सरकार इस योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप ने लाखों किसानों को जोड़ने में मदद की है। इसके अलावा, सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं कि केवल पात्र किसानों को ही लाभ मिले। हाल ही में, सरकार ने ई-केवाईसी और आधार लिंकेज को अनिवार्य करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किए हैं।

सूत्रों के अनुसार, सरकार 2025 में पीएम किसान की राशि को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने पर विचार कर रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इसके साथ ही, पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18-40 वर्ष की आयु के किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान भी है।

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